Friday, October 16, 2015

हंसी और मुस्कराहट

हंसी फूल की तरह होती है,
खिलती है, मुरझा जाती है.
मुस्कराहट खुशबू है,
हंसी को पहचान दे जाती है.


हंसी सूरज की तरह होती है,
तेज़ ही सही, पर ढल जाती है.
मुस्कराहट चाँद है,
रात भर साथ रह जाती है.


हंसी तड़के की तरह है,
लगती है तोह सबको आवाज़ आती है.
मुस्कराहट ज़ायका है,
देर तक ज़बां पे रह जाती है.

हंसी मुसाफिर की तरह होती है,
मंज़िल पर पहुँच कर रुक जाती है.
मुस्कराहट सफर है,
तजुर्बे की तरह याद रह जाती है,

Wednesday, September 23, 2015

ले चल मुझे


बस कहीं ले चल मुझे।
लहर पर उछलते पत्ते की तरह,
हवा में तैरती पतंग की तरह,
बिना मंज़िल के सही,
पर कहीं ले चल मुझे।

सीपी में सोये मोती की तरह,
दिल में दबी ख्वाहिश की तरह,
सबसे छुपा के सही,
पर कहीं ले चल मुझे

बटुए में पड़े स्टैम्प की तरह,
बातों में किये वादों की तरह,
सब भुला के सही,
पर कहीं ले चल मुझे।

चांदनी में रखी शबनम की तरह,
आँखों में रखे आंसू की तरह,
बरस जाने से पहले सही,
बस कहीं ले चल मुझे।

-निशीथ

Tuesday, January 20, 2015

मजाल

रंग हो या ढंग हो,
जीन्स चाहे तंग हो,
मेरी पसंद के आगे,
तेरी सोच की क्या मजाल है।

टॉप मेरा बैकलेस्स हो,
शर्ट मेरी स्लीवलेस्‍स हो,
मेरी स्टाइल के आगे ,
तेरी हिम्मत की क्या मजाल है।

टैटू मेरी बाज़ू पर हो,
पियर्सिंग मेरी बॉडी पर हो,
मेरी मर्ज़ी के आगे,
तेरी नज़रों की क्या मजाल है.